दोस्तो
ऐक ईनसान अपने जिन्दगी संवारने के लिऐ किया कुछ नही करता लेकीन लास्ट टाईम पर धोखा खा जाता है
अपने मा बाप को बूरहापा मे छोर देता है उसका पूरी जिन्दगी का नेकी ऐक झटके मे समाप्त हो जाता है
आखिर लोग ऐ क्यू नही सोचता आज जो वो कर रहे हैं कल ऊनके साथ भी होगा अौर आज के माहौल मे ईसे बहूत
अछे से मदद भी किया जा रहा है जैसे कोई भी महिला थाना मे चली गई तो फिर बर्बादी शूरू होगई
कोई भी ये जानने का तकलीफ नही करेगा के आपकी गलती है या नहीं है बस चारो तरफ से ऐक ही
कोशीश होगी कि आप अपने घर परिवार छोर दो और अपनी पत्नी को लेकर अलग रहो जिसने आपको पाल पोस कर बाधा किया ऊसका कोई मोल नहीं रहजाता अपने बच्चे पर और ये सब कुछ काम करने मे लोग ईतने खूस होते हैं जैसे ऊनको कभी औलाद नही होगा या औलाद हो भी तो वो ऐसा नहीं करेगा घटिया नेचर के लोग ये भूल जाते हैं कि हर शाम के बाद सुबह होता है ये दुनिया की रीत है जो वीज बोओगे वही काटने को मिलेगा कभी भी आम के पेड़ पर ्अमरूद नही फलता ईनसान अनाज खाता है ऐ सारी बाते वो अच्छी तरह समझता है ऊसके बाद भी एैसी गन्दी हरकत करता है
ईसमे ज्यादा वो महिलाऐ है जो अपने पाती को ऊसके बुजुर्ग मा बाप से कानून का सहारा लेकर अलग करती है ऐसी महिला ना कीसी की बेटी ना कीसी की मा ना बहन होती है ऐसे लोग सिर्फ ्अपना फायदा देखती है वो लोग भूल जाते हैं कि ऐेसे लोग का अौलाद भी ऐैसा ही पैदा होता है जो अौरत अपने बुजुर्ग के साये से दूर भागती है ऊनकी जिन्दगी कभी भी अच्छी नहीं गूजरती वो लोग हमेशा ही कीसी ना कीसी तकलीफ मे मुब्तिला रहती है हम सब भाई बहनो को अपनी मा बाप ईजजत करने की तौफीक दे (आमीन)
ऐक ईनसान अपने जिन्दगी संवारने के लिऐ किया कुछ नही करता लेकीन लास्ट टाईम पर धोखा खा जाता है
अपने मा बाप को बूरहापा मे छोर देता है उसका पूरी जिन्दगी का नेकी ऐक झटके मे समाप्त हो जाता है
आखिर लोग ऐ क्यू नही सोचता आज जो वो कर रहे हैं कल ऊनके साथ भी होगा अौर आज के माहौल मे ईसे बहूत
अछे से मदद भी किया जा रहा है जैसे कोई भी महिला थाना मे चली गई तो फिर बर्बादी शूरू होगई
कोई भी ये जानने का तकलीफ नही करेगा के आपकी गलती है या नहीं है बस चारो तरफ से ऐक ही
कोशीश होगी कि आप अपने घर परिवार छोर दो और अपनी पत्नी को लेकर अलग रहो जिसने आपको पाल पोस कर बाधा किया ऊसका कोई मोल नहीं रहजाता अपने बच्चे पर और ये सब कुछ काम करने मे लोग ईतने खूस होते हैं जैसे ऊनको कभी औलाद नही होगा या औलाद हो भी तो वो ऐसा नहीं करेगा घटिया नेचर के लोग ये भूल जाते हैं कि हर शाम के बाद सुबह होता है ये दुनिया की रीत है जो वीज बोओगे वही काटने को मिलेगा कभी भी आम के पेड़ पर ्अमरूद नही फलता ईनसान अनाज खाता है ऐ सारी बाते वो अच्छी तरह समझता है ऊसके बाद भी एैसी गन्दी हरकत करता है
ईसमे ज्यादा वो महिलाऐ है जो अपने पाती को ऊसके बुजुर्ग मा बाप से कानून का सहारा लेकर अलग करती है ऐसी महिला ना कीसी की बेटी ना कीसी की मा ना बहन होती है ऐसे लोग सिर्फ ्अपना फायदा देखती है वो लोग भूल जाते हैं कि ऐेसे लोग का अौलाद भी ऐैसा ही पैदा होता है जो अौरत अपने बुजुर्ग के साये से दूर भागती है ऊनकी जिन्दगी कभी भी अच्छी नहीं गूजरती वो लोग हमेशा ही कीसी ना कीसी तकलीफ मे मुब्तिला रहती है हम सब भाई बहनो को अपनी मा बाप ईजजत करने की तौफीक दे (आमीन)